Friday, October 23, 2020

EMI की किश्तों में छुट मिलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते खुदरा लोन ग्राहकों को EMI अदायगी पर इस वर्ष मार्च में जो रोक लगी थी, वह 31 अगस्त को समाप्त हो चुकी है. इस मोरेटोरियम यानी छूट के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अहम सुनवाई हुई. अदालत ने इस छूट की अवधि को बढ़ाए जाने और ब्‍याज माफ किए जाने की मांग पर लगी एक याचिका पर सुनवाई की. अगली सुनवाई गुरुवार को होगी. 

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कर्जधारकों के वकील राजीव दत्ता ने कहा कि बड़े पैमाने पर जनता नर्क के समय में जी रही है. मैं उन सब में नहीं जाऊंगा. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक को चाहिए कि हमारी सहायता के लिए एक योजना लेकर आए, लेकिन यह दोहरा आघात है क्योंकि वह हम पर चक्रवृद्धि ब्याज लगा रहे हैं. वकील ने कहा कि पूरे देश में सभी क्षेत्रों में गिरावट आई है और RBI चाहता है कि बैंक मुनाफा कमाएं.

बैंक ब्याज पर ब्याज मांग रहे- वकील

कर्जधारकों के वकील ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक केवल एक नियामक है, बैंक के एजेंट नहीं हैं. ऐसा लगता है कि बैंक RBI के पीछे छिपे हुए हैं. वकील ने कहा, ‘बैंक ब्याज पर ब्याज मांग रहे हैं, बैंक इसे डिफॉल्ट मानते हैं. हमारी तरफ से कोई डिफॉल्ट नहीं है.’ दत्ता ने कहा कि यह बैंकों के लिए राजस्व नहीं है इसलिए वह यह नहीं कह सकते कि उन्हें नुकसान होगा.

वकील राजीव दत्ता ने कहा कि RBI चाहता है कि बैंक कोरोना काल में और मुनाफा कमाएं, यह सही नहीं है. सरकार कह रही है कि एक माप के सभी को राहत नहीं मिल सकती. वह अपना पुनर्गठन कराना चाहते हैं, लेकिन अपने देश के नागरिकों को सजा मत दीजिए. उन्होंने कहा कि सरकार RBI का बचाव कर रही है. दत्ता ने कहा कि ब्याज पर ब्याज लगाना प्रथमदृष्टया में पूरी तरह से गलत है और इसको नहीं लगाना चाहिए.

क्रेडाई के वकील ने क्या कहा?

क्रेडाई की तरफ से वकील सुंदराम ने कहा कि ब्याज पर कमी को बैंकों पर छोड़ दिया है, जहां तक ब्याज में कमी का संबंध है, RBI को इसे RBI अधिनियम के तहत निर्देश के रूप में देना चाहिए. लेकिन बैंकों को यह निर्णय करने की स्वतंत्रता दी गई है कि ब्याज में कमी की जा सकती है या नहीं.

उन्होंने कहा कि बैंकों को उधारकर्ता की पहचान के आधार पर वाणिज्यिक विवेक पर निर्णय लेने के लिए कहा जा रहा है. सुंदराम ने कहा कि अगस्त 6 परिपत्र में सब कुछ बैंकों पर छोड़ दिया गया है. क्रेडाई के वकील ने कहा कि यदि ब्याज नहीं छोड़ा जा सकता है तो बैंक उसे कम करके जमाकर्ताओं को अदा कर सकते हैं.

वकील सुंदराम ने कोर्ट से कहा कि ज्यादा ब्याज लेने वाले करदाताओं पर दांडिक ब्याज लगाना सही नहीं है. इससे NPA में बढ़ोतरी हो सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने वकील से पूछा कि हम किस तरह की राहत दे सकते हैं? इसपर वकील ने कहा कि बैंकों से कहा जाए कि वह मुनाफा छोड़ दें. पावर सेक्टर की मांग में बहुत कमी आई है. बैंक हर सेक्टर के साथ बैठ कर ऐसा हल निकालें जिससे दोनों का नुकसान न हो. अगर ऐसा नहीं हुआ तो अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.

​शॉपिंग सेंटर्स एसोसिएशन के वकील की दलील

शॉपिंग सेंटर्स एसोसिएशन के वकील रंजीत कुमार ने कहा कि RBI गवर्नर खुद कह चुके हैं कि हर सेक्टर की स्थिति खराब है. जब देश में बार, थिएटर नहीं चल रहे तो कमाई कैसे होगी? हर सेक्टर के लिए अलग राहत तय हो. उन्होंने कहा कि मोरेटोरियम का लाभ लेने वाले लोन अगस्त के बाद NPA माने जाएंगे, आदेश में इसका ध्यान भी रखा जाए.

इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अधिकांश अर्थव्यवस्था बड़ी कंपनियों पर नहीं बल्कि छोटे व्यवसायों पर चलती है. अलग-अलग सेक्टर ने अर्थव्यवस्था को अलग-अलग तरह से प्रभावित किया है.

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमारे पास कई प्रकार के ऋण और कई तरह के बैंक हैं और फिर हमारे पास विभिन्न ऋण लेने वाले भी हैं. अलग-अलग ऋणकर्ताओं का भी विभिन्न प्रकारों में वर्गीकरण किया जा सकता है.

याचिकाकर्ता की दलील है कि कोरोना संकट में जिन कठिन आर्थिक हालातों को देखते हुए मोरेटोरियम की सुविधा दी गई थी वह अभी समाप्त नहीं हुई है, ऐसे में मोरोटोरियम की सुविधा को इस साल दिसंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए. बता दें कि कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन के बाद RBI ने तीन महीने के लिए लोन मोरेटोरियम का ऐलान किया था, बाद में इस अवधि को और 3 महीनों के लिए 31 अगस्त तक बढ़ाया था.

यह भी पढ़ें : Sushant Case CBI : सुशांत ने आत्महत्या की या मर्डर हुआ?

Most Popular

RJD ने उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजद (RJD) ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा शुरू कर दी है. आरजेडी ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करना शुरू कर दिया है.

OPINION: लद्दाख में महत्‍व खोती दिख रही है LAC, चीन को खतरा भांपकर लौटना चाहिए

भारतीय सेना (Indian Army) ने फुर्ती दिखाते हुए चुशूल सेक्‍टर की ऊंची पहाडि़यों पर कब्‍जा जमा लिया ताकि ऊपर से पूरे LAC पर चीन (China) की हरकतों

Dil Bechara :सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म न्यूजीलैंड में हुई रिलीज

सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म Dil Bechara को देख उनके फैंस काफी भावुक भी हुए थे, हाल ही में एक्टर की आखिरी फिल्म की स्क्रीनिंग न्यूजीलैंड

New Business Opportunity-इस बिजनेस में सिर्फ 50 हजार रुपये लगाकर करें 2.5 लाख से ज्यादा की कमाई

New Business Opportunity-इन दिनों मशरूम की मांग में अचानक इजाफा हो गया है. इसके पीछे कोरोना को बताया जा रहा है. अगर आप भी...

TMC सांसद नुसरत जहां ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

TMC सांसद ने निशाना साधते हुए पीएम मोदी से पूछा कि अब ना तो पबजी का रीवाइवल (पुनर्जीवन) होगा और ना ही अर्थव्यवस्था का। ऐसे में हम क्या करें?

Rishi Kapoor के जन्मदिन पर रिद्धिमा को आई पापा की याद

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी (Riddhima Kapoor) ने सोशल मीडिया पर अपने पिता को याद करते हुए कुछ पुरानी तस्वीरें...

IPL 13 : विराट कोहली ने पकड़ा कमाल का कैच, देखें वीडियो

IPL 13 की उल्टी गिनती शुरु हो गई है और सभी टीम्स ने अपनी प्रैक्टिस के जरिए मैच की तैयारियों को पुख्ता करना शुरु...

उत्तर प्रदेश में जातिगत सर्वे पर बवाल, आप नेता संजय सिंह बोले- मैंने कराया, मुझसे सवाल करो

उत्तर प्रदेश में बीते मंगलवार को लोगों के फोन पर एक सर्वे कॉल किया जा रहा था, जिसमें उनसे यह पूछा जा रहा था...