Thursday, November 26, 2020

केंद्र सरकार ला रही ‘कोविन एप’, कोरोना टीके का डाटा रखने में होगा मददगार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Nov 2020 12:55 AM IST

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कोरोना वायरस महामारी के बाद कोरोना वैक्सीन का इंतजार हर कोई बहुत बेसब्री से कर रहा है। लोगों तक टीका आसानी से पहुंच सके, इसके लिए केंद्र सरकार एक एप ला रही है। इसका नाम ‘कोविन एप’ होगा। इसमें डाटा एकत्र हो जाएगा कि किसे टीका लगा है, कितना खरीदा गया, कितना वितरण हुआ और कितना भंडारण हुआ। साथ ही ये वैक्सीन प्राप्तकर्ता को पहले से सूचित भी कर देगा।

सरकार का मानना है कि यह एप समय के आधार पर डाटा अपलोड करने साथ ही डाटा प्राप्त करने में सहायक होगा। साथ ही जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को सक्षम बनाएगा। इसके अलावा राज्यों द्वारा केंद्र को डाटा को उपलब्ध कराने में मददगार होगा।

इर एप की भागीदारी में आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष्मान भारत जैसी एजेंसियां शामिल हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों का डाटा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही एप एक टीकाकरण प्रमाणपत्र भी उत्पन्न करेगा और इसे डिजी-लॉकर में संग्रहित करने का विकल्प प्रदान करेगा।

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के आ जाने के बाद ही देश की अर्थव्यव्स्था में सुधार होगा, लोग बिना डरे घर से बाहर आ सकेंगे। लेकिन इसके लिए डाटा होना बहुत जरूरी है। रिकॉर्ड रखना जरूरी है कि किसे वैक्सीन लगा। साथ ही भंडारण और वितरण को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों तक टीका पहुंचने में आसानी भी होगी। 

कोरोना वायरस महामारी के बाद कोरोना वैक्सीन का इंतजार हर कोई बहुत बेसब्री से कर रहा है। लोगों तक टीका आसानी से पहुंच सके, इसके लिए केंद्र सरकार एक एप ला रही है। इसका नाम ‘कोविन एप’ होगा। इसमें डाटा एकत्र हो जाएगा कि किसे टीका लगा है, कितना खरीदा गया, कितना वितरण हुआ और कितना भंडारण हुआ। साथ ही ये वैक्सीन प्राप्तकर्ता को पहले से सूचित भी कर देगा।

सरकार का मानना है कि यह एप समय के आधार पर डाटा अपलोड करने साथ ही डाटा प्राप्त करने में सहायक होगा। साथ ही जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को सक्षम बनाएगा। इसके अलावा राज्यों द्वारा केंद्र को डाटा को उपलब्ध कराने में मददगार होगा।

इर एप की भागीदारी में आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष्मान भारत जैसी एजेंसियां शामिल हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों का डाटा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही एप एक टीकाकरण प्रमाणपत्र भी उत्पन्न करेगा और इसे डिजी-लॉकर में संग्रहित करने का विकल्प प्रदान करेगा।

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के आ जाने के बाद ही देश की अर्थव्यव्स्था में सुधार होगा, लोग बिना डरे घर से बाहर आ सकेंगे। लेकिन इसके लिए डाटा होना बहुत जरूरी है। रिकॉर्ड रखना जरूरी है कि किसे वैक्सीन लगा। साथ ही भंडारण और वितरण को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों तक टीका पहुंचने में आसानी भी होगी। 

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